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संसद ने जलपोत पुनर्चक्रण विधेयक पारित किया, लोकसभा ने प्रति व्यक्ति लाईसेंसी हथियारों की संख्या सीमित करने के शस्त्र संशोधन विधेयक को मंजूरी दी

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संसद ने जलपोत पुनर्चक्रण विधेयक 2019 पारित कर दिया है। राज्‍यसभा में इसे आज पारित किया गया जबकि लोकसभा में यह पहले ही पारित हो चुका है।

इस विधेयक में जलपोतों पर खतरनाक सामग्री के इस्‍तेमाल पर नियंत्रण और जलपोतों के पुनर्चक्रण का विनियमन है।

इसमें पुन: इस्‍तेमाल होने वाले कलपुर्जों और सामग्री को निकालने के लिए जलपोतों को अलग-थलग करने के रूप में पुनर्चक्रण तथा खतरनाक सामग्री के निपटान को परिभाषित किया गया है। 

इस विधेयक के तहत जलपोत के पुनर्चक्रण करने वाले को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ढंग से निपटान करना होगा तथा खतरनाक सामग्री का प्रबंधन करना होगा।

इसमें यह भी सुनिश्चित किया गया है कि पोत के पुनर्चक्रण के समय पर्यावरण को कोई नुकसान न हो।

कानून का उल्‍लंघन करने पर संबंधित व्‍यक्ति या निकाय को पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का हर्जाना देना होगा।

विधेयक प्रस्‍तुत करते हुए पोत परिवहन मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि कुछ निश्चित मानदंडों के जरिये जलपोतों के पुनर्चक्रण को विनियमित करना इस विधेयक का उद्देश्‍य है। 

उन्‍होंने कहा कि विश्‍व के 30 प्रतिशत जलपोतों का पुनर्चक्रण  भारत में ही किया जा रहा है और यह उद्योग देश में प्रचुर मात्रा में उपलब्‍ध कराता है।

उन्‍होंने कहा कि देश में इस्‍पात की 10 प्रतिशत आवश्‍यकता जलपोतों के पुनर्चक्रण से पूरी होती है।

बहस शुरू करते हुए कांग्रेस की डॉ. आमी याज्ञ्निक ने इस विधेयक का स्‍वागत किया।

उन्‍होंने कहा कि जलपोतों के पुनर्चक्रण से विषैला और खतरनाक कचरा निकलता है।

उन्‍होंने कहा कि कचरे के निस्‍तारण के लिए पर्याप्‍त सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है।

तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्‍दु शेखर रे ने कहा कि जलपोतो के पुनर्चक्रण में संलग्‍न मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्‍त इंतजाम किये जाने चाहिए।

समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि इस उद्योग से प्रदूषण बढ़ता है और उद्योग में संलग्‍न लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर पड़ता है।

उन्‍होंने श्रमिकों के स्‍वास्‍थ्‍य की सुरक्षा के उपाय लागू करने का सुझाव दिया।

कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के बिनॉय विश्‍वम ने कहा कि इस कदम से भारत पश्चिमी देशों का डम्‍पयार्ड बन जाएगा।

भाजपा के अश्विनी वैष्‍णव ने विधेयक का समर्थन किया।

बीजू जनता दल के प्रसन्‍न आचार्य, कांग्रेस के विजय सत्‍यनाथन और मधुसूदन मिस्‍त्री तथा अन्‍य सांसदों ने भी चर्चा में हिस्‍सा लिया।

Source: News On Air

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