मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस के 22 विधायकों ने त्यागपत्र दिया, कमलनाथ सरकार अल्पमत में | Daily Current Affairs 2021
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मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस के 22 विधायकों ने त्यागपत्र दिया, कमलनाथ सरकार अल्पमत में

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मध्‍य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार के समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है। सरकार के छह मंत्रियों सहित बाईस कांग्रेस विधायकों ने अपने पद से इस्‍तीफे दे दिए हैं। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया था।

उन्‍नीस विधायकों ने अपने इस्‍तीफे ई मेल के जरिए राजभवन भेजे, जबकि बिसाहूलाल सिंह, मनोज चौधरी और एदल सिंह कनसाणा ने अपने त्‍याग पत्र विधानसभा अध्‍यक्ष को सौंपे। मध्‍य प्रदेश विधानसभा में कुल विधायकों की संख्‍या 230 है जिनमें से दो सीटें खाली हैं। बाईस सदस्‍यों के त्‍यागपत्र देने से विधानसभा की प्रभावी संख्‍या दो सौ छह रह जाएगी। किसी भी पार्टी को सदन में बहुमत सिद्ध करने के लिए एक सौ चार का जादुई आंकडा छूना होगा। कांग्रेस के सदस्‍यों की संख्‍या सदन में एक सौ चौदह थी, लेकिन इन इस्‍तीफों के बाद विधानसभा में यह संख्‍या बानवे रह गई है। पार्टी को बहुजन समाज पार्टी के दो, समाजवादी पार्टी के एक और चार निर्दलीय सदस्‍यों का समर्थन प्राप्‍त है। इन्‍हें मिलाकर कांग्रेस के समर्थन में अधिकतम सौ विधायक होंगे और वह बहुमत से पांच सीटें कम रहेगी। भारतीय जनता पार्टी के सदन में एक सौ सात विधायक हैं।

इस बीच, समाजवादी पार्टी के विधायक राजेश शुक्‍ला और बहुजन समाज पार्टी विधायक संजीव कुशवाहा ने वरिष्‍ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में उनके निवास पर मुलाकात की। बैठक के बाद श्री चौहान ने कहा कि यह होली के मौके पर यह भेंट हुई, जिसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

Source: News On Air

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