Daily Current Affairs 2021 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ वर्चुअल शिखर बैठक की | Daily Current Affairs 2021

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ वर्चुअल शिखर बैठक की

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आज वर्चुअल शिखर बैठक के दौरान विभिन्‍न मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्‍विक मुद्दों तथा द्विपक्षीय सम्बंधों के सभी पहलुओं पर व्‍यापक चर्चा हुई।

बैठक के बाद वर्चुअल संवाददाता सम्‍मेलन में यूरोप और पश्‍चिमी मामलों के संयुक्‍त सचिव संदीप चक्रवर्ती ने कहा कि बैठक का पहला महत्‍वपूर्ण निष्‍कर्ष 2030 के लिए रूपरेखा जारी होना है। द्विपक्षीय सहयोग में क्रांतिकारी बदलाव का लक्ष्‍य हासिल करने के विज़न के अनुरूप दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन साझेदारी को बढ़ाकर व्‍यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप देने के लिए 2030 की महत्‍वकांशी रूपरेखा स्‍वीकार की। इससे अगले दस वर्ष में प्रगाढ़ और मजबूत सहयोग का रास्‍ता साफ होगा।

इस रूपरेखा में अनेक ठोस, भविष्‍योन्मुखी और परिणाम केन्‍द्र‍ित गतिविधियों की व्‍यापक सूची बनाई गई है जिन पर अगले कुछ महीनों और वर्षों में काम होगा। इसके लिए पांच महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई है। ये पांच क्षेत्र हैं- व्‍यक्ति से व्‍यक्ति के बीच संबंध बढ़ाना, व्‍यापार और समृद्धि, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कार्रवाई और स्‍वास्‍थ्‍य।

संयुक्‍त सचिव ने कहा कि शिखर बैठक की एक और बड़ी उपलब्‍धि व्‍यापार साझेदारी बढ़ाने की घोषणा है। 2019-20 में दोनों देशों के बीच दो तरफा व्‍यापार 15 अरब चालीस करोड़ डॉलर का था। उन्‍होंने कहा कि इस आंकड़े से भारत और ब्रिटेन के बीच व्‍यापार की वास्‍तविक क्षमता परिलक्षित नहीं होती।

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने से दोनों देशों के लिए शानदार नए अवसर उपलब्‍ध हुए हैं। इन अवसरों और क्षमताओं का पूरा लाभ उठाने के लिए दोनों नेताओं ने आरंभिक निष्‍कर्ष हासिल करने के उद्देश्‍य से अंतरिम व्‍यापार समझौते पर विचार करने सहित व्‍यापक और संतुलित एफटीए के लिए वार्ता शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 2030 तक आपसी व्‍यापार दोगुने से अधिक बढ़ाना है।

दोनों नेता शीघ्र बाजार सुलभ कराने के पैकेज पर भी सहमत हुए इसके तहत ब्रिटेन भारतीय उद्यमियों के लिए अपने मत्‍स्‍य क्षेत्र को खोलेगा, नर्सों को अधिक अवसर उपलब्‍ध कराएगा, भारतीय नौवहन चालकों के प्रमाण-पत्रों को मान्‍यता देगा और सामाजिक सुरक्षा समझौते पर संयुक्‍त संवाद करेगा।

इसके बदले भारत ने फलों, चिकित्‍सा उपकरणों और स्‍नातकोत्‍तर डिग्री की परस्‍पर मान्‍यता के बारे में ब्रिटेन के प्रस्‍ताव पर सहमति व्‍यक्‍त की है। भारत विधिक सेवाओं को खोलने की दिशा में भी काम करेगा।

दोनों नेताओं ने वैश्‍विक महामारी की स्थिति और इससे निपटने के सहयोग पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए ब्रिटेन से तत्‍काल चिकित्‍सा सहायता के लिए प्रधानमंत्री जॉनसन का आभार व्‍यक्‍त किया। ब्रिटेन ऑक्‍सीजन कन्‍सेनट्रेटर, सिलेंडर, वेंटिलेटर और ऑक्‍सीजन संयंत्रों सहित महत्‍वपूर्ण चिकित्‍सा उपकरण भेजने वाले कुछ पहले देशों में से एक था। 

बैठक के दौरान ऑक्‍सफोर्ड- एस्‍ट्राजेनेका- सीरम इन्‍सटीट्यूट के सहयोग के जरिए सफल वैक्‍सीन साझेदारी का भी उल्‍लेख किया गया। दोनों नेता कोविड-19 वैक्‍सीन, उपचार और निदान के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमत हुए। इसके अलावा नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्‍सीन, नियामक और क्‍लीनिकल परीक्षण में सहयोग सहित संयुक्‍त अनुसंधान पर भी बल दिया गया।

वर्चुअल बैठक में नई भारत-ब्रिटेन वैश्‍विक नवाचार साझेदारी आरंभ करने के समझौते पर हस्‍ताक्षर किए गए। प्रवासन और मोबीलिटी के क्षेत्र में साझेदारी के समझौते पर भी हस्‍ताक्षर किए गए।

Source: News On Air

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